बकरी पालन क्यों है फायदेमंद?
भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पशुपालन पर आधारित है। इनमें से बकरी पालन सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला व्यवसाय है, क्योंकि इसकी मांग दूध, मांस और ऊन के रूप में हमेशा बनी रहती है। खासकर छोटे किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए यह आय का बेहतरीन स्रोत है। (Bakri Palan Yojana 2025)
इसी को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें बकरी पालन योजना (Bakri Palan Yojana) चला रही हैं, जिसके तहत लाभार्थियों को 70% तक सब्सिडी दी जा रही है।
बकरी पालन योजना 2025 के मुख्य उद्देश्य
- ग्रामीण गरीबों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना।
- बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर देना।
- डेयरी और मीट प्रोडक्शन को बढ़ावा देना।
- महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत करना।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- सब्सिडी: योजना के तहत बकरी पालन यूनिट बनाने पर कुल लागत का 70% तक सब्सिडी सरकार देती है।
- लोन की सुविधा: बैंक से आसान शर्तों पर लोन भी उपलब्ध कराया जाता है।
- यूनिट साइज: आमतौर पर एक यूनिट में 10 मादा बकरियां और 1 नर बकरा शामिल होता है।
- बीमा कवर: कई राज्यों में बकरियों का बीमा भी किया जाता है ताकि किसी दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में नुकसान न हो।
- प्रशिक्षण: लाभार्थियों को बकरी पालन और प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
पात्रता मानदंड (Eligibility)
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- ग्रामीण क्षेत्र के किसान, बेरोजगार युवा और महिला उद्यमी प्राथमिकता में रखे जाते हैं।
- आवेदक के पास बकरियों के लिए जगह और चारागाह की सुविधा होनी चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया
- सबसे पहले अपने राज्य की पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- बकरी पालन योजना (Bakri Palan Yojana) सेक्शन में जाकर आवेदन फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र (अगर लागू हो), आय प्रमाण पत्र और पासपोर्ट फोटो अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करने के बाद संबंधित विभाग से वेरिफिकेशन होगा।
- मंजूरी मिलने पर बैंक से लोन और सरकार से सब्सिडी की सुविधा मिलेगी।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आय और जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- जमीन/चरागाह का विवरण
बकरी पालन से संभावित लाभ

- 10–12 बकरियों से सालाना ₹1.5 से 2 लाख तक की आमदनी संभव।
- बकरी का दूध और मांस दोनों ही बाजार में ऊंचे दाम पर बिकते हैं।
- बकरी पालन में खर्च कम और मुनाफा ज्यादा होता है।
बकरी पालन योजना 2025 उन किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, जो कम निवेश में अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं। सरकार की ओर से मिलने वाली 70% सब्सिडी इस व्यवसाय को और भी आसान और लाभकारी बनाती है।
अगर आप भी स्वरोजगार की तलाश में हैं, तो यह योजना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती है।