भारत में बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार लगातार नई-नई योजनाएं लागू कर रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक है लाडो प्रोत्साहन योजना (Lado Protsahan Yojana)। इस योजना का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें शिक्षा व सामाजिक विकास में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत योग्य परिवारों की बेटियों को सरकार ₹1.50 लाख की आर्थिक सहायता देती है। आइए जानते हैं इस योजना से जुड़ी पूरी जानकारी। (Lado Protsahan Yojana 2025)
लाडो प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य
- बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग देना।
- बेटियों को विवाह से पहले आत्मनिर्भर बनाना।
- समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना।
लाभार्थियों को मिलने वाले फायदे
- योजना के तहत योग्य बालिकाओं को ₹1.50 लाख तक की वित्तीय सहायता।
- राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी।
- सहायता राशि का उपयोग बेटी की शिक्षा, करियर या अन्य ज़रूरतों के लिए किया जा सकता है।
- गरीब और निम्न वर्गीय परिवारों को बड़ा सहारा मिलेगा।
लाडो प्रोत्साहन योजना की पात्रता
- आवेदक भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- लाभ केवल बालिकाओं को मिलेगा।
- परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा (आमतौर पर ₹2.5 लाख या उससे कम) होनी चाहिए।
- बेटी का नाम स्थानीय निकाय/नगर निगम/ग्राम पंचायत की सूची में होना चाहिए।
- परिवार ने किसी अन्य समान योजना का लाभ नहीं लिया हो।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवासी प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- जन्म प्रमाण पत्र (बेटी का)
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
आवेदन प्रक्रिया

- इच्छुक अभ्यर्थी को राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या ई-मित्र/CSC केंद्र पर जाकर आवेदन करना होगा।
- आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
- आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
- आवेदन जमा करने के बाद आपको रजिस्ट्रेशन नंबर/एप्लिकेशन आईडी प्राप्त होगी।
- आवेदन सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों की सूची जारी की जाएगी।
लाडो प्रोत्साहन योजना उन परिवारों के लिए एक वरदान साबित होगी, जिनकी बेटियां आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई या करियर में आगे नहीं बढ़ पातीं। सरकार की यह पहल बेटियों को न सिर्फ मजबूत बनाएगी बल्कि समाज में उनके प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।